मंगलवार, 19 जनवरी 2010
कुछ एहसास कुछ विश्वास
कल fox चैनल पर एक जानकारी मिली की धरती को तो स्वयं भगवान बचाए हुए है । किस्मत से हम सब निवासी बचे हुए हैं । अन्तरिक्ष के कितने ही आक्रमण होते हैं जो जुपिटर अपने ऊपर ले लेता है । कभी भी धरती को इनका सामना करना पद सकता है। इसका मतलब यह हुआ की उसके एक इशारे पर सारी कायनात है पर हम सब हर चीज़ को स्थाई मन लेते हैं । हमने यह किया हम वो कर रहे हैं उस परमात्मा के आगे हम कितने हैं । हमारी सारी व्यथाएं हमारे सभी शिकायतें और इनमें फसें हम इनका मोल क्या है ।
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बहुत बढिया जनाब ! ठीक कहा आपने इस अनंतता में जब धरती का वजूद भी नगण्य है तो हमारी आपकी बात ही नहीं ..लिखते रहिये अच्छा लिख रहे हैं
जवाब देंहटाएंहमारी सारी व्यथाएं हमारे सभी शिकायतें और इनमें फसें हम इनका मोल क्या है ।..
जवाब देंहटाएंBahut Sundar !